प्रभु यीशु का शीघ्र द्वितीय आगमन

प्रभु यीशु के जीवन और पुनरुत्थान के गवाह।
धर्म प्रचारक नहीं, यीशु मसीह के शिष्य।

मौत है ?

मौत है ?

मौत है ? *विश्वास की आखिरी कीमत ‘मौत’ है – प्रकाशित २:१० *आज्ञाकारिता की आखिरी कीमत ‘मौत’ है – फिलि २:८ *प्रेम की आखिरी कीमत ‘मौत’ है – यूहन्ना ३:१६ इसी कारण प्रभु यीशू ने कहा है यदि कोई मेरे पास आये और अपने प्राण को भी अप्रिय न जाने तो वह मेरा चेला नहींRead more about मौत है ?[…]

मर-मर के जीवन में आया

मर-मर के जीवन में आया

“मर-मर के जीवन में आया” (असली और नकली क्रूस – कविता) सोचा था, सोने का मैंने हीरे मोती, जड़ा हो जिसमें चाहा वो ही, क्रूस था मैंने जो प्रिय हो सबकी आंखों मैं दूर दूर तक, ढूंढा मैंने देश विदेश, भी घूमा था मैं भूलभुलैय्यों, की गलियों में दुनिया की चौड़ी सड़कों में लोगों नेRead more about मर-मर के जीवन में आया[…]

‘पान वाला’ तो बस दौड़ता ही रह गया।

‘पान वाला’ तो बस दौड़ता ही रह गया।

किस्सा १९५३ का है, मेरे पिताजी ट्रैन में सफर कर रहे थे।(उनकी लिखी एक किताब में ये ज़िक्र है) भीड़ बहुत थी। एक छोटा सा स्टेशन आया, छोटा सा प्लेटफार्म था। चाय,समोसे वाले, मूंगफली, और पानवाले खिड़की से ग्राहकों को खोज रहे थे, चंद पैसे अपने परिवार के पेट पालन के लिए पाने के प्रयासRead more about ‘पान वाला’ तो बस दौड़ता ही रह गया।[…]

भूत प्रेत नहीं निकाले किसी ने (Evil Spirts)

भूत प्रेत नहीं निकाले किसी ने (Evil Spirts)

“भूत प्रेत (Evil spirits) नहीं निकाले किसी ने” पुराने नियम के समय के दौरान चाहे इब्राहिम , मूसा, शमूएल, दाऊद, दानिएल, युहना बप्तिस्मा देनेवाला या और कोई भी नबी क्यों न हो। जब प्रभु यीशु आये तो बीमारों को चंगाई देने के बाद दूसरा कार्य किया वो था भूतप्रेतों से छुटकारा। भूत प्रेत ग्रसित औरRead more about भूत प्रेत नहीं निकाले किसी ने (Evil Spirts)[…]

नहीं सोचा था फिर भी, खामोश रहोगे

नहीं सोचा था फिर भी, खामोश रहोगे

“मुंह बंद रखने का वरदान” मेरा सोचना है। की ये एक बड़ा वरदान है जो पवित्र आत्मा हमें दे सकता है। मुंह बंद रखने के लिए पवित्र आत्मा की सामर्थ चाहिए। प्रभु यीशु के जीवन से संबंधित एक वाक्य ने मुझे बहुत प्रभावित किया है। वो यशायाह नबी की किताब में लिखा है। “उसने अपनाRead more about नहीं सोचा था फिर भी, खामोश रहोगे[…]