“प्रभु यीशु को स्वीकार करने” का क्या मतलब है
मुझसे सवाल किया गया है कि मेरी सभाओं में लोगों का आकर “प्रभु यीशु को स्वीकार करने” का क्या मतलब […]
Read more →मुझसे सवाल किया गया है कि मेरी सभाओं में लोगों का आकर “प्रभु यीशु को स्वीकार करने” का क्या मतलब […]
Read more →आज मसीही जगत के बुरे हाल हैं। मसीहियत मात्र एक सामाजिक गतिविधि बन रही है। मसीह के नाम पर प्रोजेक्ट […]
Read more →कुँए पर बैठा आदमी कहीं मसीह तो नहीं ? – यूहन्ना ४ मूर्खता की बात तो लगती है। और वो […]
Read more →मैं ऐसे भाई बहनों को उत्साहित करना चाहता हूँ जिन्हें न कोई जानें, न उन्हें पहचानें, न रास्ते में सलाम […]
Read more →Does he look like the one I describe here? “I marvel that ye are so soon removed from Him that […]
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