मौत है ?

मौत है ?

*विश्वास की आखिरी कीमत ‘मौत’ है – प्रकाशित २:१०
*आज्ञाकारिता की आखिरी कीमत ‘मौत’ है – फिलि २:८
*प्रेम की आखिरी कीमत ‘मौत’ है – यूहन्ना ३:१६

इसी कारण प्रभु यीशू ने कहा है

यदि कोई मेरे पास आये और अपने प्राण को भी अप्रिय न जाने तो वह मेरा चेला नहीं हो सकता – लूका १४:२६

आज सवाल है

हम क्या कीमत अदा कर सकते हैं ?

1 thought on “मौत है ?

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