क्या वेदों में प्रभु यीशु हैं?

शिष्य थॉमसन

सवाल – मुझ से पूछा गया – क्या ऋग्वेद में प्रभु यीशू के बारे में लिखा रेफरेन्स बता सकते हैं?

जवाब – मुझे नहीं मालूम कहाँ लिखा है, लेकिन ये मालूम है, की किन्ही पंक्तियों में ये समझ में आता है l क्यों और कब लिखा गया ये मुझे नहीं मालूम है l मैं किसी धर्म या धर्म शास्त्र की तुलना, आलोचना या व्याख्या नहीं कर रहा हूँl में धर्मोपरि  वचन बाइबिल का ही उल्लेख करता हूँ l

मेरा सोचना ये है कि परमेश्वर किसी भी प्रकार से अपने सत्य हम तक पहुंचाते हैंl

पवित्र शास्त्र रोमी 1:20 – सृष्टि एक जीवित परमेश्वर सृष्टिकर्ता की ओर हमारा ध्यान कराती है l
यदि परमेश्वर का नाम नहीं मालूम था तो उसे सृष्टिकर्ता कहकर ही बुला लेते
परमेश्वर अपने सत्य  को हर  जगह रखते हैं, ओर ढूँडने वाले को वो मिल जाते हैं l
हीरा पत्थरों के ढेर में मिलता है l

  • असत्य को सत्य का चोगा नहीं पहना सकते
  • अंधकार को ज्योति नहीं मान सकते
  • निर्जीव को जीवित नहीं कह सकते
  • धर्म और ईश्वर को एक नहीं कह सकते
  • सृष्टि और सृष्टिकर्ता को एक नहीं मान सकते
  • दिया प्रकाश देता है पर सूर्य नहीं कह सकते

हमारे विवेक  या कानषंस में भी परमेश्वर ने सत्य को पहचानने और चुनाव करने की क्षमता दी है l

प्रभु यीशू हर मनुष्य को हर तरह से अपनी ओर बुलाते हैं l

  • धर्म में लाने के लिए नहीं पर मुक्तिदान देने के लिए
  • दंड देने के लिए नहीं क्षमा देने के लिए

परमेश्वर सब से प्रेम करते  हैं, और मोक्ष उपाय स्वयं के बलिदान रूपी यग्य द्वारा सिध करते हैं l

  • मुक्ति के मार्ग अलग अलग तो दिखते हैं पर मुक्तिदाता एक ही आए हैं
  • पापियों का नाश तो सब चाहते हैं पर बचाने एक ही खून बहाते हैं

प्रभु यीशू -युहन्ना 5:39-40 में कहते हैं

तुम शास्त्रों में मुक्ति ढूंढते हो और वे तो मेरे बारे मे बोलते हैं लेकिन मुक्ति पाने फिर भी तुम मेरे पास नही आते l